Tuesday, October 27, 2015

...तो अच्छा होता

जब कभी दहलीज पर खड़ा होता
या कोई वाकिया गुज़रता है
तब कभी ये ख्याल आता है
साथ होते तो अच्छा होता....

अगर होते तो अच्छा होता,
नहीं हो तो भी अच्छा ही है,
एक पतवार से भी नाव चलती है
दूसरी होती तो अच्छा होता...

1 comment:

vibha rani Shrivastava said...

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 04 जून 2016 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!