Sunday, May 05, 2013

एक तसवीर साथ रहती है ...

न ये रूकती है, न थमती है कभी
ना ठिठक कर के सांस लेती है
इक अधूरी-सी दास्ताँ में गुम
भूली यादों के साये में छुपी
एक तसवीर साथ रहती है ...

एक छोटी-सी वो कहानी थी
जाने क्यूँ खो गयी - पर वो कहते हैं
जैसे दरिया मिला समंदर में
हाँ, मैं जानता हूँ पर फिर भी
एक तसवीर साथ रहती है ...

1 comment:

Arpana Jha said...

beautiful poem..